नीलम चंद्रा एक इंजीनियर हैं व रेलवे में डायरेक्टर के पद पर कार्यकृत हैं| कवितायेँ एवं कहानियां लिखना आपका शौक है| आपकी सात सौ से अधिक रचनाएं विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं| बीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं (दो नॉवेल, एक नॉवेला, आठ कविता संग्रह, पांच लघु कहानी संग्रह, चार बच्चों की कहानी की पुस्तकें)|
विभिन्न पुरस्कारों से आपको सुशोभित किया गया है जैसे अमेरिकन एम्बस्सी द्वारा आयोजित काव्य प्रतियोगिता में गुलजारजी द्वारा पुरस्कार, रबिन्द्रनाथ टेगोर अन्तराष्ट्रीय काव्य पुरस्कार २०१४, रेल मंत्रालय द्वारा प्रेमचंद पुरस्कार, चिल्ड्रेन ट्रस्ट द्वारा पुरस्कार, इनके द्वारा लिखे गीत 'मेरे साजन सुन सुन' को रेडियो सिटी द्वारा फ्रीडम पुरस्कार इत्यादि|
आपके कार्य को सराहते हुए एक वर्ष में सबसे अधिक पुस्तक प्रकाशन हेतु लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड द्वारा इन्हें मान्यता मिली है| वैसे ही लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड, मिरकल वर्ल्ड रिकार्ड तथा इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड द्वारा आपको व आपकी पुत्री सिमरन को प्रथम माँ-पुत्री द्वारा प्रकाशित पुस्तक का खिताब दिया गया है| नीलम को फ़ोर्ब्स मैगज़ीन द्वारा २०१४ के देश के सौ प्रख्यात लेखकों में नामित किया गया है (http://forbesindia.com/printcontent/39097)
इनके बारे में अचिक जानकारी विकी पेज http://en.wikipedia.org/wiki/Neelam_Saxena_Chandra व इनके वेबसाईट http://neelamsaxenachandra.in/ पर उपलब्ध है| आपसे संपर्क करने हेतु https://www.facebook.com/NeelamSaxenaChandra को लाइक करें|
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Specifications
Book Details
Publication Year
2015
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150 g
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Kamal Paneru's Reviews
Review Point – 4 out of 5 Poetess – Neelam Saxena Chandra Publishing – Airavat Publishing House ISBN - 9789385137976 Book Type – Poetry Page Count – 108
Platform:
The book is a work of complete imagination and creativity and dedicated to the people who struggle a lot and don’t accept defeat from the adverse situations. Book has many of poetries of other poet and poetess too. Covering each and every corner of human life by relating with the nature to give a message of hope and respect to th...