Bankelal Digest (Book 6)
    Share
    Facebook
    Twitter
    Email

    Bankelal Digest (Book 6)  (Hindi, Paperback, Tarun Kumar Wahi)

    Be the first to Review this product
    Price: Not Available
    Currently Unavailable
    Features
    • Language: Hindi
    • Binding: Paperback
    • Publisher: Raj Comics
    • ISBN: 9785111126904, 5111126904
    • Edition: 2011
    • Pages: 96
    Description
    देवता की मणि/राजा विक्रम सिंह बांकेलाल को साथ ले कर निकले तो थे प्रजा का हाल जानने के लिए लेकिन बांकेलाल उन्हें ले गया कंकड़ बाबा के आश्रम में. वहाँ कंकड़ बाबा की बीस वर्षों कि तपस्या को ढोंग बता कर उसने विक्रम सिंह के द्वारा उनकी तपस्या को भंग करा दिया जिससे क्रुद्ध हो कर कंकड़ बाबा ने राजा विक्रम सिंह को दो वर्षों में चोरासी लाख योनियाँ भुगतने का श्राप दे डाला. इस तरह बांकेलाल की योजना तो सफल हो गयी किन्तु उसकी फूटी किस्मत ने यही श्राप उसे भी दिलवा दिया. शुरुआत हुई है राक्षसयोनि से. विक्रम सिंह और बांकेलाल बन गए हैं राक्षस.बांकेलाल कंकाल लोक में/क्रोधित कंकड़ बाबा के श्राप से इस बार बांकेलाल और विक्रम सिंह बन गए हैं कंकाल और जा पहुंचे हैं कंकाल लोक में. कंकाल लोक में कुकरमुत्तों और मियाऊँ कुत्तों के बीच कट्टर दुश्मनी थी. बांकेलाल और विक्रम सिंह फंस गए हैं इन दोनों की दुश्मनी के बीच में. अब दोनों को पड़ गए हैं जान के लाले.बांकेलाल देवलोक में/कंकड़ बाबा के श्राप ने इस बार बांकेलाल और विक्रम सिंह को देव योनि दे कर पहुंचा दिया देवलोक में. देवलोक के प्रवेश द्वार पर ही बांकेलाल हो जाता है देवताओं द्वारा अपमानित. अपने अपमान का बदला लेने के लिए बांकेलाल देवराज इंद्र के खिलाफ ही चल देता है चाल. क्या देवलोक मे बांकेलाल कि चाल सफल हो पाएगी या यहाँ भी उसकी फूटी किस्मत फूटी ही रहेगी?
    Read More
    Specifications
    Book Details
    • Publication Year
      • 2011
    Contributors
    • Author
      • Tarun Kumar Wahi
    Safe and Secure Payments. Easy returns. 100% Authentic products.
    Back to top