Kahaniyon Ka Darpan: Zindagi Rangmanch Se Satta Tak संग्रह दो अनूठी हिन्दी पुस्तकों का संयोजन है, जो समाज, सत्ता और मनुष्य की जटिलताओं को अलग-अलग कोणों से प्रस्तुत करती हैं। एक ओर जहाँ ‘नौटंकी साला’ रंगमंच की दुनिया और आम जीवन के हास्य-व्यंग्य से भरपूर अनुभव कराता है, वहीं ‘नौकरशाह ही नहीं…’ सत्ता के गलियारों में व्याप्त द्वंद्व और यथार्थ का खुलासा करता है।
पुस्तक 1: नौटंकी साला और अन्य कहानियाँ – ISBN: 9789355219336
यह कहानी संग्रह आपको उन जीवन प्रसंगों से जोड़ेगा जो आम होते हुए भी असामान्य हैं। ‘नौटंकी साला’ न केवल हास्य और व्यंग्य के माध्यम से समाज का आइना दिखाता है, बल्कि मानवीय संबंधों की बारीकियों को भी उजागर करता है। हर कहानी रंगमंच जैसी—नाटकीय, सजीव और गूढ़ अर्थों वाली है।
लेखक का लेखन शैली सरल, प्रवाहपूर्ण और चुटीली है, जो पाठकों को अंत तक बांधे रखती है।
पुस्तक 2: नौकरशाह ही नहीं… – ISBN: 9789353227111
यह पुस्तक एक नौकरशाह की आत्मस्वीकृति नहीं, बल्कि सच्चे प्रशासनिक अनुभवों की ईमानदार व्याख्या है। ‘नौकरशाह ही नहीं…’ केवल पद और प्रतिष्ठा की बात नहीं करता, यह बताता है कि पावर की कुर्सी पर बैठने वाला इंसान भी भीतर से जूझता है—भ्रष्टाचार से, नैतिक दुविधाओं से और व्यवस्था से।
सरकारी तंत्र की परतें खोलती यह किताब एक झलक देती है उस जमीनी सच्चाई की, जिसे आम जनता अक्सर देख नहीं पाती।
Kahaniyon Ka Darpan एक साहित्यिक यात्रा है, जिसमें रंगमंच का आनंद भी है और व्यवस्था का विश्लेषण भी। यह संग्रह हास्य, व्यंग्य, अनुभव और यथार्थ का गहन मेल प्रस्तुत करता है। Paperback, Hindi, Mohua Chinappa, Anil Swarup
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