“अष्टांग हृदय” (Ashtanga Hridaya) एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक ग्रंथ, जो महामहार्षि वाग्भट्ट द्वारा 6ठी–7वीं शताब्दी में रचित हुआ। यह आठ अंग (अष्टांग) – आंतरिक चिकित्सा, शल्य, स्त्री–शिशु, कायाचिकित्सा, कल्याण, भेषजकल्प, उत्तरस्थान आदि – का समग्र सार प्रस्तुत करता, Copy In Pdf On Dvd books, Hindi, Vagbhatt
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