चिंतन करो, चिंता नहीं
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Prabhat Prakashan चिंतन करो, चिंता नहीं (पेपर बैक)

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प्रोडक्ट की खासियत
इम्प्रिन्ट
प्रभात प्रकाशन
पब्लिकेशन ईयर
2022 नवंबर
बुक टाइप
जनरल बुक
नंबर ऑफ पेजेस
312
ऑथर इन्फो
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता में हुआ था। इनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ था। इनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। इनकी माता श्रीमती भुवनेश्वरी देवीजी धार्मिक विचारों की महिला थीं। बचपन से ही नरेंद्र अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के थे पर नटखट थे। परिवार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के प्रभाव से बालक नरेंद्र के मन में बचपन से ही धर्म एवं अध्यात्म के संस्कार गहरे पड़ गए। नरेंद्र ने श्रीरामकृष्णदेव को अपना गुरु मान लिया था; उन्होंने ही नरेंद्र को संन्यास की दीक्षा दी। उसके बाद गुरुदेव ने अपनी संपूर्ण शक्तियाँ अपने नवसंन्यासी शिष्य स्वामी विवेकानंद को सौंप दीं, ताकि वह विश्व-कल्याण कर भारत का नाम गौरवान्वित कर सके। भारतवर्ष के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत बन उन्होंने सनातन धर्म की पताका विश्वभर में 'फहराई। 4 जुलाई, 1902 को यह महान्‌ तपस्वी अपनी इहलीला समाप्त कर परमात्मा में विलीन हो गया।
चौड़ाई
18 mm
ऊंचाई
216 mm
लेंथ
140 mm
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रेटिंग और रिव्यू
4.5
शानदार
कुल 137 रेटिंग दी गईं:
वेरिफ़ाइड खरीदारी
5
बाजार में सबसे अच्छा !
2 years ago
से गुजरने के लिए एक अच्छी किताब
Flipkart Customer
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वेरिफ़ाइड खरीदार
6
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5
शानदार है
2 years ago
सबसे अच्छा
Bhargavi Rajendran
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वेरिफ़ाइड खरीदार
7
2
5
एकदम सही प्रोडक्ट !
12 days ago
अच्छा के रूप में अच्छी तरह से मुझे उम्मीद थी । 👍
Agastya Vishal Sharma
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