ऑथर इन्फो
मानव कौल के जीवन को उनके लिखे के बहाने समझा जा सकता है।
एक लेखक का लिखा किस तरह उसके जीवन और लेखन में यात्रा कर रहा होता है, उसे मानव की किताबों से गुजरते हुए गुना जा सकता है।
मानव की एबी टक 15 पुस्तकें prakāshit हो चुकी हैं —
'ठीक तुम्हारे पीछे' (कहानियाँ),
'प्रेम कबूतर' (कहानियाँ),
'तुम्हारे बारे में' (न कविता, न कहानी),
'बहुत दूर, कितना दूर होता है' (यात्रा-vrittānt),
'चलता-फिरता प्रेत' (कहानियाँ),
'अंतिम' (उपन्यास),
'करता ने कर्म से' (कविताएं),
'शर्ट का तीसरा बटन' (उपन्यास),
'रूह' (यात्रा-vrittānt),
'तितली' (उपन्यास),
'टूटी हुई बिखरी हुई' (उपन्यास),
'पतझड़' (उपन्यास),
'कतरनेन' (न कविता, न कहानी),
'साक्षात्कार' (उपन्यास),
और अब 'संयम' (उपन्यास)।
'संयम' मानव की पंद्रहवीं किताब और सातवान उपन्यास है।