स्वामी विवेकानंद कर्म करते रहाणे में विशवास करते द. इसीलिए वीई स्वयान एक करमायोगी द. उन्होंने केवल उपदेश देने भर में विशवास नहीं किया बल्कि उन्हें आपने जीवन में उतार कर अप्रतिम उदाहरण दीया. एक महान योगी होने के साथ-साथ उन्होंने समाज के सबसे कमज़ोर वर्ग के लोगों को अपना ईश्वर माना और उनकी सेवा का प्राण लिया. स्वामी jee आपने आदरशोन, लक्ष्यों और विचारों के कारण आज के समय में भी बहुत प्रसंगीक हैं. उन्होंने एक सामाजिक मनुष्य को शांति, समर्द्धि और आनंद की प्राप्ति के साधन से परीचिट कराया. वास्तव में वीई व्यतिफ और राष्ट्रीय की सामूहिक चेतना को जागर्ट करना चाहते द. उनके सपनों का भारत एक ऐसा भारत था, जहां मानव मात्र के स्वतंतर होने के साथ ही सम्मान, प्रेम तथा एक दूसरे के प्रति सेवा का भाव भी समाहित हो. आज का हर वह पातक आपने आप को भाग्यशाली प्रतीत करेगा जो विवेकानंद jee के इन महान विचारों से अवगत होते ह्यु आपने जीवन को सकारात्मक रूप देने में सक्षम होगा.