Jalanchalwad : The Golden Age - जलाँचलवाद एक वैचारिक पुस्तक है जो सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय विकास के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक में लेखक ने जलाँचलवाद की अवधारणा, उसके मूल सिद्धांतों तथा उसके माध्यम से राष्ट्र में पुनः स्वर्ण काल लाने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार किया है। यह पुस्तक समाज, राष्ट्र निर्माण, जनकल्याण, विकास, नीति, विचारधारा एवं भविष्य की दिशा से संबंधित विषयों पर चिंतन प्रस्तुत करती है। लेखक का उद्देश्य पाठकों को एक नई वैचारिक सोच से परिचित कराना तथा देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना है। यह किसानों, मजदूरों एवं कमेरा वर्ग की मेहनत का उचित पारिश्रमिक दिलाने, राष्ट्र की युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा प्रदान करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच समन्वय स्थापित करने का एक दस्तावेज है। वास्तव में जलाँचलवाद मानव और प्रकृति का वह संतुलित पथ है जिस पर चलकर राष्ट्र अपनी उच्चतम जीवन प्रत्याशा को प्राप्त करेगा। जो पाठक समाज, विचारधाराओं, सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्र निर्माण और वैकल्पिक विकास मॉडल में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह पुस्तक उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हो सकती है।
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World Book Publications Jalanchalwad : The Golden Age - जलाँचलवा...
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Key Features
जलांचल, वनांचल एवं पर्वतांचल के विकास पर विशेष चर्चा
1 Book
Title
Jalanchalwad : The Golden Age
Product Form
Hardcover
Publisher
World Book Publications
Alternative Title
जलाँचलवाद एक वैचारिक पुस्तक है जो सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय विकास के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक में लेखक ने जलाँचलवाद की अवधारणा, उसके मूल सिद्धांतों तथा उसके माध्यम से राष्ट्र में पुनः स्वर्ण काल लाने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार किया है। यह पुस्तक समाज, राष्ट्र निर्माण, जनकल्याण, विकास, नीति, विचारधारा एवं भविष्य की दिशा से संबंधित विषयों पर चिंतन प्रस्तुत करती है। लेखक का उद्देश्य पाठकों को एक नई वैचारिक सोच से परिचित कराना तथा देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना है। यह किसानों, मजदूरों एवं कमेरा वर्ग की मेहनत का उचित पारिश्रमिक दिलाने, राष्ट्र की युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा प्रदान करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच समन्वय स्थापित करने का एक दस्तावेज है। वास्तव में जलाँचलवाद मानव और प्रकृति का वह संतुलित पथ है जिस पर चलकर राष्ट्र अपनी उच्चतम जीवन प्रत्याशा को प्राप्त करेगा। जो पाठक समाज, विचारधाराओं, सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्र निर्माण और वैकल्पिक विकास मॉडल में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह पुस्तक उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हो सकती है।
ISBN13
9789372160987
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