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मीना मंगेशकर-खडीकर
श्रेष्ठ गायिका एवं संगीतकार । एक समृद्ध परंपरा की निधिपति। मराठी रंगभूमि के लोकप्रिय और गुणशील गायक-अभिनेता मास्टर दीनानाथ मंगेशकर और शुद्धमति मंगेशकर की द्वितीय पुत्री ।
मीनाताई को बचपन में ही संगीत की शिक्षा-दीक्षा मिली। राग-रागिनियों का हाथ थाम उनकी सुरों की यात्रा शुरू हुई। नौशाद अली, शंकर-जयकिशन, हुस्नलाल- भगतराम, रोशन, वसंत देसाई जैसे प्रतिभाशाली संगीतकारों की रचनाएँ मीनाजी के सुमधुर स्वर से खिल उठीं।
बतौर संगीतकार मीनाजी की अपनी विशिष्ट पहचान है। बच्चों के गीतों को सुरों से सजाकर मीनाताई ने महाराष्ट्र का मन जीत लिया।
मीनाजी ने बांग्ला, गुजराती और पंजाबी भाषा में गाने गाए हैं। कानून का शिकार (हिंदी) और शाबाश सुनबाई (मराठी) जैसी गिनी-चुनी फिल्मों को संगीत दिया है।
संगीत को संपूर्णतया समर्पित मीनाताई का व्यक्तित्व भारतीय संस्कृति में रचा-बसा है। वे अपने पुत्र योगेश, पुत्रवधु मेखला और पौत्री सांजली के साथ मुंबई में रहती हैं। उनकी पुत्री रचना शाह लेखिका हैं।
मीना मंगेशकर-खडीकर
श्रेष्ठ गायिका एवं संगीतकार । एक समृद्ध परंपरा की निधिपति। मराठी रंगभूमि के लोकप्रिय और गुणशील गायक-अभिनेता मास्टर दीनानाथ मंगेशकर और शुद्धमति मंगेशकर की द्वितीय पुत्री ।
मीनाताई को बचपन में ही संगीत की शिक्षा-दीक्षा मिली। राग-रागिनियों का हाथ थाम उनकी सुरों की यात्रा शुरू हुई। नौशाद अली, शंकर-जयकिशन, हुस्नलाल- भगतराम, रोशन, वसंत देसाई जैसे प्रतिभाशाली संगीतकारों की रचनाएँ मीनाजी के सुमधुर स्वर से खिल उठीं।
बतौर संगीतकार मीनाजी की अपनी विशिष्ट पहचान है। बच्चों के गीतों को सुरों से सजाकर मीनाताई ने महाराष्ट्र का मन जीत लिया।
मीनाजी ने बांग्ला, गुजराती और पंजाबी भाषा में गाने गाए हैं। कानून का शिकार (हिंदी) और शाबाश सुनबाई (मराठी) जैसी गिनी-चुनी फिल्मों को संगीत दिया है।
संगीत को संपूर्णतया समर्पित मीनाताई का व्यक्तित्व भारतीय संस्कृति में रचा-बसा है। वे अपने पुत्र योगेश, पुत्रवधु मेखला और पौत्री सांजली के साथ मुंबई में रहती हैं। उनकी पुत्री रचना शाह लेखिका हैं।