यह पुस्तक एक मनोवैज्ञानिक की अपनी नजर से लोगों के बीच स्थापित रिश्तों की एक तहकीकात है, लेखक मानो सलाहकार के रूप में पिछले ३५ वर्ष से समाज के बीच काम कर रहा है। हर रिश्ते के हर पहलू पर उसकी पैनी नजर है। जिंदगी में प्रतियोगिता और परस्पर सहयोग में कैसे सामंजस्य हो इसका विचार यहां प्रस्तुत है।