आए दिन हमारे जीवन में ऐसी घटनाएं होती हैं ,जिन पर हमें विश्वास भी नहीं होता| जो कभी न सोचा हो वह घटित हो जाता है और जिसे पूर्णता तैयार किया हो ;वह घटने में काफी समय ले लेता है |एक सिरे दूसरे सिरे से जुड़ना लगभग अस्वाभाविक सा लगता है किंतु फिर भी जब समय निकल जाता है उसके बाद हम उन दो सिरों को आसानी से जोड़ लेते हैं |अर्थात कई बेमेल वस्तुएं और घटना असल में एक ही होती हैं और वह एक व्यक्ति का जीवन बनाते हैं "बेमेल" ऐसी ही आम जीवन की घटनाओं से प्रेरित एक कविताओं का संग्रह है जिसका एक सिरा दूसरे से मेल खाता नजर तो नहीं आता किंतु यह एक असल जिंदगी के कुछ पन्ने हैं|
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Specifications
Book Details
Publication Year
2022 Poetry
Number of Pages
32
Contributors
Author Info
गुरमीत परमार "गौणी" का जन्म 30 जुलाई 1999 को मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में हुआ ,प्रारंभिक शिक्षा नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ से हुई| उन्होंने अपना स्नातकोत्तर इंदौर से गणित विषय में से उत्तीर्ण किया और वर्तमान में Cuemath में गणित विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं।
वह अपने माता-पिता और 3 भाई-बहनों के साथ रहती है। उन्होंने स्कूल में 9वीं कक्षा से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखना शुरू किया। वह अभी भी खुद को एक कवि के रूप में विकसित करने की अवधि में है। छोटी-छोटी कविताएँ लिखती हैं जो हमारे परिवेश से प्रेरित होती हैं। यह पुस्तक एक ऐसा ही संग्रह है। वह अपने काम को अक्सर "गौनीव" नामक एक इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट करती है।
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