"मुसाफ़िर कैफ़े" का मतलब दिल्ली के रमेश नगर में स्थित एक आरामदायक माहौल और सुहावनी रोशनी वाला कैफ़े रेस्टोरेंट हो सकता है, या फिर दिव्य प्रकाश दुबे द्वारा लिखित एक हिंदी उपन्यास , जो दो युवा पेशेवरों, सुधा और चंदर, और उनकी आत्म-खोज व रिश्तों की यात्रा पर आधारित है। यह उपन्यास एक वकील और एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी के माध्यम से प्रेम, जीवन, विकल्पों, महत्वाकांक्षाओं और आधुनिक रिश्तों के विषयों की पड़ताल करता है, जो खुद को एक अनियोजित लिव-इन रिलेशनशिप में पाते हैं।