लफ़्ज़ों में पिरो लेते हैं
एहसास के मोती,
इज़हार ए तमन्ना का
सलीक़ा नहीं आता।
कोशिश करती हूं कि अपने एहसासों को लफ़्ज़ों के ज़रिये से कुछ ऐसा लिख सकूं जो सभी पाठको के दिलों को छू सके, मेरे अल्फाज़ सबको अपने दिल के एहसास महसूस हों, मेरे पहले काव्य संग्रह ''मेरे एहसास'' को आप सभी ने जिस तरह अपना प्यार और सहयोग दिया उसी तरह आप मेरे दूसरे काव्य संग्रह ''एहसास के मोती'' को भी अपना प्यार और सहयोग प्रदान करेंगे, मुझे पूरी उम्मीद है कि ''मेरे एहसास'' की तरह मेरे ''एहसास के मोती'' आप सभी की उम्मीदों पर खरा उतरेगी, ज़िंदगी के अनगिनत एहसासों को अभिव्यक्त करता भावपूर्ण भावनाओं का बहुत ही खूबसूरत काव्य संग्रह है, सच कहूं मेरा हर लफ़्ज़ मेरे दिल का एहसास है जिसे दिल से ही महसूस किया जा सकता है इंशाअल्लाह मेरे अल्फ़ाज़ आप सभी के दिलों को छूने में कामयाब रहेंगे।
इसी के साथ मैं दिली शुक्रिया अदा करना चाहूंगी साहित्यपीडिया टीम का जिन्होंने मुझे मेरे दूसरे काव्य संग्रह के प्रकाशन का अवसर प्रदान किया।
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Specifications
Publication Year
2024
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